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और जब वीर सावरकरजी ने कहं था भारत इजराएल का समर्थन करे तब…

वीर विनायक दामोदर सावरकर जो हिंदू राष्ट्रवाद एवं हिंदूत्व के एक प्रभावशाली विचारक थे उन्होने कहा था के मुस्लीम एवं इसाई, जो भारत में जन्में है, वे कभी खाए नमक को नही जागेंगे क्योंकी यह उनकी पवित्र भुमी नही है । उन्होने रोहिंग्या मुस्लीम, पाकिस्तान, नक्षलवादी तथा अनेकों अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार प्रकट किए थे, जो तत्कालीन सरकारने नही माने परंतु आज स्वतंत्रता के ६८ सालों बाद भारत सरकार उन्ही के कहे मार्ग पर चलने हेतु विवश है ।
भारत ने आज तक अनेको बार पॅलेस्टाइन का साथ दिया और आज पॅलेस्टाइन इस्लामीक राष्ट्रों के समर्थन पे सिर्फ खुदको बचाने की कोशिष कर रहा है और काश्मीर को पाकिस्तान का अंग मानता है । और वही इजराएल जीसे भारत ने साथ नही दिया उसी इजराएल ने भारत को १९६२, १९७५ तथा १९९९ के चीन तथा पाकिस्तान के साथ हुए युद्धों में भारत को मदद कि । यही इजराएल भारत कि पाकिस्तान-बांग्लादेश सीमा पर रक्षा हेतु आधुनिक तकनीक प्रदान कर रहा है । यही इजराएल भारत को ड्रोन प्रदान कर रहा है । यही इजराएल भारत को खेती का आधुनिक तंत्रज्ञान, समंदर के पानी को पीने लायक बनाने कि तकनीक दे रहा है ?

पॅलेस्टाइन का समर्थन देकर भारत सरकार ने क्या पा लिया? पॅलेस्टाइन खुले तौर पर पाकिस्तान को काश्मिर मुद्दे पर समर्थन देता रहा है और इजराएल ने भारत को सदैव मदद कि है । यह सब चीजे वीर सावरकरजी को १९४७ में पता थी और भारत सरकारने उन्हें प्रताडीत किया । वे स्वातंत्रयोद्धा थे और काँग्रेस ने उन्हे जेल स्वतंत्र भारत में डाल दिया ।

वीर सावरकर ने कहां था के एक दिन आएगा जब हिंदूत्व के मुद्दो पर मतदान होगा, और उस समय काँग्रेसी नेता कोट के उपर जनेऊ पहनेंगे । गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान काँग्रेस के नेता इस चीज पर बहस करते सुनाई दिए कि राहुल गांधी जो की काँग्रेस पार्टी के अध्यक्ष है वे एक ‘‘जनेऊधारी हिंदू’’ है । स्वयं राहुल गांधी अनेको मंदिरों के दौरे करते हुए पाए गए । यहा तक के उत्तर प्रदेश कि एक रॅली में उन्होने स्वयं ‘‘ब्राह्मण’’ होने का दावा किया था ।

इन सब चीजो के पश्चात जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, राहुल गांधी इन सभी काँग्रेसी नेताओं का आचरण एक ब्राह्मण्य के अनुसार नही था । जवाहरलाल नेहरू को विदेशी संस्कृती का प्रचंड आकर्षण था । इंदिरा गांधी स्वयं को एक धर्मनिरपेक्ष कहती थी । राहुल गांधी ने अमेरिका के राजदुत को यहां तक कह दिया था के भारत को मुस्लीम नही हिंदू लोगों से धोका है । आज वही काँग्रेस स्वयं को हिंदु हिंतैशी प्रस्तुत कर रही है । यही चीज वीर सावरकरजी ने सालों पहले भाँप ली थी ।

हिंदूत्व के जनक वीर वि.दा. सावरकर जी ने भारतीय सरकार को आवाहन किया था के वे संयुक्त राष्ट्रसंघ में इजराएल के निर्मीती के समर्थन में मतदान करे । परंतु तत्कालीन भारत सरकार ने कुछ और सहीं समझा । वीर सावरकर एक अत्यंत प्रखर विचारों के नेता थे, उनकी सोच बहुत दुर तक फैली थी । वे भविष्य कि एक अलग समझ रखते थे । उन्होने बताई हुई अनेक भविष्यवाणीयां सच हुई है । उन्होने इजराएल, रोहिंग्या मुस्लीम, पाकिस्तान, नक्षलवादी तथा अनेकों अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार प्रकट किए थे, जो तत्कालीन सरकारने नही माने परंतु आज स्वतंत्रता के ६८ सालों बाद भारत सरकार उन्ही के कहे मार्ग पर चलने हेतु विवश है ।

भारत सरकार को सच्चा दोस्त किसे हा जाए यह जानने में ६८ वर्ष लग गए, परंतु यह दोस्ती का बीज वीर सावरकरजी ने १९४७ में ही भाँप लिया था । आज ६८ वर्षो के पश्चात भारत के प्रधानमंत्री बेहिचक इजराएल गए और उनका स्वागत भी इजराएल ने उसी अंदाज में किया । ६८ वर्षे पश्चात भारत ने इजराएल को अपने सच्चे दोस्त के रूप में गले लगाया ।

ऐसे एक ना अनेक मुद्दो पें वीर सावरकरजी खरें उतरें है । उन्होंने अंतराल विज्ञान, परमाणु विज्ञान तथा अर्थशास्त्र ऐसे अनेक मुद्दो पे जो विचार व्यक्त किए है वह आज भी अनेक लोगों को अचंभीत कर देते है । अगर समय रहते भारत अपने इस वीर सपूत कि महानता का विश्वास करना सिख ले तो आने वाली भारत कि पिढीयां एक सुदृढ एवं शक्तीशाली हिंदू राष्ट्र का निर्माण कर पाएगी और तभी ‘‘वसुधैव कुढुंबकम्’’ का नारा पूर्ण होगा ।

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Tags : India
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